बेवफ़ाई

जब दिल टूटता है

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लोग सवाल हजार करते है.....ग़ज़ल

Posted On: 8 Dec, 2012 में

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ये सच है की हम उनसे प्यार करते है
वो हमें बेइंतहा इस्तेमाल करते करते है,
फिर भी हम उनके ही क्यूँ है,
लोग सवाल हजार करते है.

सवारुन्गा ज़िन्दगी साथ उनके,
आखिरी सांस भी होगी पास उन्के,
क्यूँ इतना हम उनसे प्यार करते है,
लोग सवाल हजार करते है..

रात दिन हम उनका इंतेजार करते है,
वो एक पल में ही आह भरते है,
क्यूँ विश्वास है हमें उनके आने का,
लोग सवाल हजार करते है..

कभी-कभी हम भी रोया करते है,
कब्र में भी जब हम न सोय करते है,
क्यूँ मिली है मुझे यूँ बेवफाई,
लोग सवाल हजार करते हैं..

मेरे सीने पर ख़जर से वार करते है,
जब उनकी मुहब्बत पर लोग सवाल हजार करते है,
क्या समझेगा कोई उनकी इस अदा को,
वो तो मैय्यत पर भी आकाश की कांटो की बौछार करते है..
लोग सवाल हजार करते है..

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16 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

akraktale के द्वारा
December 12, 2012

सुन्दर भाव सम्प्रेष्ण करते गजल प्रयास पर हार्दिक बधाई.

alkargupta1 के द्वारा
December 11, 2012

आकाश जी , बहुत दिनों बाद सुन्दर रचना पढने को मिली ….

    Aakash Tiwaari के द्वारा
    December 13, 2012

    आदरणीया अलका जी, आपकी प्रतिक्रिया उत्साह बढ़ाती है.. Aakash Tiwaari

Tufail A. Siddequi के द्वारा
December 11, 2012

आदरणीय आकाश जी सादर अभिवादन, सुन्दर रचना. बहुत-२ बधाई. – तुफैल ए. सिद्दीकी http://siddequi.jagranjunction.com

    Aakash Tiwaari के द्वारा
    December 13, 2012

    तुफैल जी, बहुत-बहुत धन्यवाद प्रतिक्रिया हेतु … आकाश तिवारी

Madan Mohan saxena के द्वारा
December 10, 2012

बहुत सुन्दर शव्दों से सजी है आपकी गजल ,उम्दा पंक्तियाँ .. बेह्तरीन अभिव्यक्ति …!!शुभकामनायें. आपका ब्लॉग देखा मैने और कुछ अपने विचारो से हमें भी अवगत करवाते रहिये.

    Aakash Tiwaari के द्वारा
    December 13, 2012

    मदन मोहन जी, प्रथम बार आप मेरे ब्लॉग पर आये आपका स्वागत है आपको ग़ज़ल पसंद आई बस मेरी म्हणत सफल हुई.. आकाश तिवारी

Santosh Kumar के द्वारा
December 9, 2012

श्री आकाश जी ,.सादर अभिवादन काफी दिनों बाद आपकी रचना पढ़ सका ,.हमेशा की तरह पीड़ा में लिपटी हुई ,….बढ़िया रचना पर हार्दिक बधाई

    Aakash Tiwaari के द्वारा
    December 13, 2012

    से आदरणीय संतोष जी, मै महज २४ का हु.इसलिए आपसे अनुरोध है की श्री और जैसे शब्दों का इस्तेमाल मेरे लिए न करे. प्रतिक्रिया हेतु आपका तहे दिल से शुक्रिया.. Aakash tiwaari

nishamittal के द्वारा
December 9, 2012

सदा की भांति एक सुन्दर प्रस्तुति पर बधाई आकाश जी.

    Aakash Tiwaari के द्वारा
    December 13, 2012

    आदरणीया निशा जी आपकी प्रतिक्रिया पाकर बहुत ख़ुशी हुई और लिखने की ताकत बढ़ गयी.. आकाश तिवारी

jlsingh के द्वारा
December 9, 2012

बहुत सुन्दर रचना आकाश जी, नमस्कार और बधाई!

    Aakash Tiwaari के द्वारा
    December 13, 2012

    प्रतिक्रिया हेतु आपका तहे दिल से शुक्रिया … आकाश तिवारी

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
December 8, 2012

अपनी भावनाओं के साथ गजल पेश करने हेतु बधाई एवं स्वागत है

    Aakash Tiwaari के द्वारा
    December 13, 2012

    आदरणीय कुशवाहा जी, वापसी करते ही अगर अपनों का साथ मिल जाये तो सोने पर सुहागा हो जाता है.. प्रतिक्रिया हेतु आपका तहे दिल से शुक्रिया. आकाश तिवारी


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